Sunday, July 31, 2011

अपमान से मिली क्रांति : अमर सिंह


 
इटावा-३१ जुलाई - कभी सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के वि‍श्वा‍सपात्र रहे राष्ट्रीय लोकमंच के अध्य‍क्ष/सांसद अमर सिंह आज पहली बार बगैर मुलायम सिंह के उनके गृह जनपद इटावा में आये। मौका था नवगठि‍त लोकमंच द्वारा पण्डाल सभागार में सत्ता परि‍वर्तन रैली का। हर बार की तरह उनके साथ बॉलीबुड स्टार/सांसद जयप्रदा भी आई। रैली के दौरान अमर सिंह ने कहा कि‍ उन्हें अपमान से जो क्रांति‍ मि‍ली है उससे वह खरे सोने की भांति तप कर लोगों के बीच पहुंच रहे है। इटावा में आयोजि‍त रैली के दौरान मुलायम सिंह, रामगोपाल, शि‍वपाल सिंह और अखि‍लेश के साथ‍-साथ हर वर्ष सैंफई में आयोजि‍त होने वाले कार्यक्रमों पर भी अमर सिंह ने जमकर प्रहार कि‍या। अमर सिंह ने कहा कि‍ सपा और मुलायम के साथ बि‍ताये 14 वर्षों के एक-एक पल उन्हें याद हैं। क्या जानते थे कि‍ वह जि‍स व्यक्ति या जि‍स पार्टी के लि‍ए इतना सब कुछ कर रहे है। मतलब नि‍कलते ही इस तरह मुंह फेर लेंगे। अपनी पीडा व्यक्त करते हुए अमर सिंह ने कहा कि‍ उनके खि‍लाफ तो षडयंत्र उसी बक्त‍ से शुरू हो गया था जब वह अपना इलाज कराने सि‍गांपुर गये हुए थे। दोनों गुर्दे खराब होने के बाबजूद फि‍रोजाबाद लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह की पुत्र बधू के चुनाव प्रचार के लि‍ए मुंह पर पट्टी बांधकर पांच सभायें भी की। रामगोपाल ने उनके बारे में कहा था कि‍ अमर सिंह की कोई जरूरत नहीं है। इस पर सपा प्रवक्ता मोहन सिंह ने भी उन्हें बेशर्म कहकर राय दी कि‍ वह इस्तीफा क्यों नहीं दे देते। जब मुलायम सिंह से कहा तो उनका कहना था जयाप्रदा ने राहुल गांधी की तारीफ क्यों की। साथ ही कहा कि‍ वह दो बार मुख्यमंत्री बने बगैर उनकी मदद के। साथ ही मुलायम ने यह राय भी दी कि‍ अलग पार्टी बनालो मेरा आशीर्वाद तुम्हारें साथ है। कहा कि‍ रामगोपाल की गालि‍यां सुनने के बाबजूद सैंफई मोहत्सव का आतिथ्‍य स्वीकार कि‍या। अमर सिंह ने कल्याण सिंह के सपा में आने पर अपने ऊपर लगे दोषारोपण के बारे में कहा कि‍ यदि‍ मुलामय सिंह कल्याण का कलंक उनसे अपने ऊपर लेने के लि‍ए कहते तो वे हस कर ले लेते। लेकि‍न मुलायम ने उन्हें जनेश्वर मि‍श्र के नेतृत्व में उन्हें पार्टी से नि‍काल दि‍या गया। वह कहा करते थे कि‍ वह मुलायम वादी है और बचनबद्ध है और कभी छोड़कर नहीं जायेंगे। लगता है इसे ही उनकी कमजोरी समझ ली गई। परि‍वार और सखा के चुनाव के बीच मुलायम ने परि‍वार को ही चुना। मुलायम के बारे में अमर सिंह का कहना था कि‍ वह कुछ क्षण में रूष्ट हो जाते है और कुछ क्षण भ्रष्‍ट हो जाते है। सत्ता मि‍लने पर यहीं मुलायम सोनि‍यां जि‍न्दावाद के नारे लगाते है नहीं मि‍लने पर ..............। अमर सिंह ने कहा कि जब भी कांग्रेस या मायावती के खि‍लाफ बोलने की बात आती थी तो उन्हें ही आगे कर दि‍या जाता था। कहा कि‍ साढे़ चार फुट के मुलायम सिंह को कभी भी नाटेपन का एहसास नहीं होने दि‍या और 14 वर्ष तक अपने कन्धों पर लि‍ये घूमते रहे फि‍र भी कूड़ा-करकट ही कहा गया। साथ ही कहा कि‍ मुलायम सिंह को मीडि‍या में जगह अमर सिंह की बजह से ही मि‍लती रही है और मि‍लती रहेगी। आज भी मुलायम सिंह उनका ही नाम लेकर छपते आ रहे है। भले ही बुराई करके ही। रैली को सांसद जयाप्रदा और लोकमंच के कार्यकारी अध्यक्ष औबेदुल्ला. आजमी ने भी सम्बोधि‍त कि‍या लेकि‍न अपना सारा गुस्सा कहें या भाषण मोहम्मद आजम खां पर ही उतारा। रैली के दौरान पार्टी महासचि‍व/उत्तर प्रदेश प्रभारी अरवि‍न्द सिंह भी मौजूद रहे। 
नीरज महेरे