Saturday, September 3, 2011

देश की महापंचायत में भी जातिवाद : कमलेश

 दिल्ली ३ सितम्वर / नीरज महेरे / विशेष प्रतिनिधि एन सी आर अपडेट
बुलन्दशहर के सांसद को शिकायत है कि रेल मंत्रालय उनकी चिट्ठियों का जबाब देने की जहमत तो उठता है किन्तु न तो कार्यवाही की प्रगति से अवगत करता है और न ही जन समस्याओं के निवारण के लिए ठोस कार्यवाही ही करता है | लगातार रेल मंत्रालय की टाला - माटोली से सांसद कमलेश बाल्मीकि को यह पूरा भरोसा हो गया है कि वे दलित वर्ग में भी अंतिम पायदान से आते हैं इस कारण रेल मंत्रालय और रेल मंत्री उनकी बात को नहीं सुन रहे हैं |
   बुलन्दशहर के सांसद कमलेश बाल्मीकि विगत डेढ़ वर्ष से रेल मंत्री से मांग कर रहे हैं कि बुलन्दशहर - खुर्ज बाई पास पर रेलवे का अपर गामीं ( ओवर ब्रिज )  पुल  बनवाया  जाये जिससे आम जनता को रोजाना का जाम न झेलना पड़े और लोग समय से घर पहुंचें | इसके अलावावा उन्होंने दिल्ली से खुर्जा  आने वाली इ  एम् यू पैसेंजर को  बुलन्दशहर  तक बढ़ाने तथा बुलन्दशहर से दिल्ली वाया खुर्जा इ एम् यू चलवाने की मांग की थी |
   सांसद बाल्मीकि ने बताया कि इस मामले में रेल राज्य मंत्री ई० अहमद को २०  सितम्वर २०१० व १७ मार्च २०११ को भरत सिंह सोलंकी तथा १३ अप्रैल २०११ को के०एच० मुनियप्पा के आलावा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विवेक सहाय के कई पत्र मामले की जांच कराये जाने की बात लिखकर आते रहे हैं | किन्तु सांसद महोदय के पत्रों पर कार्यवाही न होने पर जब उन्होंने रेल मंत्री सुश्री ममता बनर्जी को स्वयं मिलकर पत्र देकर कार्यवाही की मांगें दोहराईं फिर भी जन समस्याओं के निराकरण के लिए कोई ठोस प्रयास रेल मंत्रालय अब तक नहीं कर सका है | जिससे सांसद कमलेश बाल्मीकि परेशां हैं और जनता यू०पी०ये० सरकार से बेहद नाराज है |