एक प्रचलित कहावत है कि जब कोई जहाज डूबने वाला होता है तो सबसे पहले चूहों को पता होता है और वो जहाज को छोडकर भाग जाते हैं। ऐसा ही वाक्याु जनपद इटावा में आज रंक्षाबंधन के पर्व पर को देखने को मिला जब बसपा विधायक शिव प्रसाद यादव ने राजनीति से संन्याास लेकर बर्षो पुरानी इस कहावत को चरितार्थ किया। बसपा सरकार के विगत चार वर्षों के कार्यकाल में हत्यान, लूट, बलात्का र से जुडी घटनाओं में बसपा विधायकों की संलिप्त ता जिस तरह सामने आती रहीं लगता अब बसपा विधायक आत्मरग्लाेनि से भर चुके हैं। प्रदेश के विधायक इस कदर आत्मरग्ला नि से भर गये कि उन्हेंन राजनीति से सन्याशस लेना ही अपनी कर्मों की सजा के रूप में देखा या फिर अगले विधान सभा चुनाव में जनता से वोट मांगने की ये विधायक हिम्म त नहीं रखते।
एक प्रचलित कहावत है कि जब कोई जहाज डूबने वाला होता है तो सबसे पहले चूहों को पता होता है और वो जहाज को छोडकर भाग जाते हैं। ऐसा ही वाक्याु जनपद इटावा में आज रंक्षाबंधन के पर्व पर को देखने को मिला जब बसपा विधायक शिव प्रसाद यादव ने राजनीति से संन्याास लेकर बर्षो पुरानी इस कहावत को चरितार्थ किया। बसपा सरकार के विगत चार वर्षों के कार्यकाल में हत्यान, लूट, बलात्का र से जुडी घटनाओं में बसपा विधायकों की संलिप्त ता जिस तरह सामने आती रहीं लगता अब बसपा विधायक आत्मरग्लाेनि से भर चुके हैं। प्रदेश के विधायक इस कदर आत्मरग्ला नि से भर गये कि उन्हेंन राजनीति से सन्याशस लेना ही अपनी कर्मों की सजा के रूप में देखा या फिर अगले विधान सभा चुनाव में जनता से वोट मांगने की ये विधायक हिम्म त नहीं रखते।
इटावा 13 जुलाई - इटावा जिले की भरथना विधानसभा से ब स प एम् एल ए शिव प्रसाद यादव ने आज राजनीति से संन्यास ले लिया | श्री यादव भरथना सीट रिजर्व हो जाने के कारण इस बार विधूना से प्रत्यासी थे | आज उन्होंने मिडिया को एक पत्र जारी कर ये बात बताई कि वे राजनीति से संन्यास लेलिये हैं | उन्होंने अपने पत्र में साफ़ लिखा है कि राजनैतिक स्थितियां अनुकूल होने के कारण वे राजनीति से संन्यास ले रहे हैं | उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती की पार्टी से स्तीफा नहीं दिया है | श्री यादव ने अपने राजनैतिक जीवन में की पार्टियाँ भी बदलीं थी और वे सपा के राजनैतिक धुर विरोधी माने जाते थे उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में भरथना सीट से सपा मुखिया मुलायम सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था और वे १० हजार से भी कम मतों से हरे थे | मुलायम के स्थीफा देने के बाद वे यहाँ से विधायक हुए थे |




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