सरकार भले ही मायावती की हो और वे दलित हितैसी कहीं जाती हों पर दलितों का उत्पीडन कोई और नहीं सरकारी तंत्र करने में जुटा हैं | हर माह राशन डीलरों से ५००० रूपया बधोरी लेने वाले जिला पूर्ति अधिकारी ने एक दलित महिला राशन डीलर को भी नहीं बक्सा | शहर के पथवरिया बार्ड की दलित राशन डीलर उषा देवी जाटव से जिला पूर्ति अधिकारी बी०आर० अहिरवार ने ५००० की बंधोरी मांगी तो रूपया देने में असमर्थ दलित महिल राशन डीलर ने जिलाधिकारी इटावा और आयुक्त कानपुर को बाकायदा हलफनामा देकर न्याय की गुहार लगायी है |
दलित महिला राशन डीलर उषा देवी की शिकायत पर कमिश्नर कानपुर ने तत्काल कारवाही करते हुए एस० डी० एम्० सदर विजयेन्द्र पंडयान को इस मामले की जाँच सोपी दी इसके बाद बीते २० अप्रैल को एस० डी० एम्० सदर ने दोनों पक्षों को बुलाकर दलीलें सुनी और आवश्यक कागजाद अपने पास जमा करा लिए | एस० डी० एम्० सदर का कहना है कि उन्होंने अपनी जाँच आख्या कमिश्नर कानपुर को भेज दी है |
जब हमने दलित राशन डीलर उषा देवी से बात की तो उन्होंने हलफनामे की प्रति देते हुए बताया कि जिलापूर्ति अधिकारी बी० आर० अहिरवार ने उससे फोन पर ५००० हजार की बंधोरी मांगते हुए कहा की जिले का हर राशन डीलर हर माह ५००० रुपये देता है तुम्हें भी देना होगा अगर नहीं दोगी तो तुम्हारी दूकान निरस्त कर दी जाएगी | वहीँ जिला पूर्ति अधिकारी का कहना है कि वे नतो कभी उषा देवी से मिले हैं और न ही उसे जानते हैं | कुल मिलकर जिला पूर्ति विभाग की धांधली के मामले की जांच हुए लगभग एक सप्ताह बीत चूका है आरोपी जिला पूर्ति अधिकारी पर अभी तक कोई कारवाही नहीं हुई है इतना ही नहीं इस मामले से गुस्साए जिला पूर्ति अधिकारी के कोप के शिकार जिले के आधा दर्जन राशन डीलर बन चुके है और गुस्साए पूर्ति अधिकारी ने जिले में ५ राशन की दुकाने जहाँ निरस्त कर दी वही ५ अन्य दुकानदारों की दुकाने निलाबित कर दी हैं | इस घटना से जनपद के राशन डीलरों में हाहाकार मचा हुआ है |
नीरज महेरे / नई दुनिया / इटावा
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