Monday, December 6, 2010

नीरज महेरे / इटावा
डकैत की बेटी बनी ए आई सी सी
पुलिस मुठभेड़ में मारे गये कानपुर देहात के इनामीं  मशहूर डकैत महताब खां की बेटी और इसी तरह मुठभेड़ में मारे गये कुख्यात अपराधी रहमत उल्लाह   की बहन अपने आपराधिक  इतिहास अवैध धंधों  के बल  पर जब से नगर पालिका परिषद् इटावा की सभाषद बन बैठीं हैं तब से पुराने कांग्रेसियों  का सर उठा कर चलना दूभर हो गया है | सपा ने पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष को नीचा दिखाने के लिए इन्हें जिताया  था जो अब खुद उसी के जाल में फसे बताये जाते हैं | अपने पति मुन्ने खान के साथ सभासद सलमा बेगम न तो पढ़ी लिखीं हैं और न ही  सभ्य और सुसंस्कारित जिसका प्रमाण हैं उनके विरुद्ध दर्ज एक दर्जन मुकद्दमे और खुलेआम डीजल पेट्रो मिटटी का तेल अवैध  रूप से बेचने के साथ - साथ आई एस आई एजेंटों से न सिर्फ सम्बन्ध बल्कि शारीरिक संबंधों की दास्ताँ बयां करती  पुलिस रिपोर्ट जिस पर कांग्रेसियों का सर शर्म से नीचे फिरभी कांग्रेस की येसी तैसी करने वाली कुख्यात का नाम जब से ए आई सी सी सदस्यता के लिए चला है तबसे लोग हैरत में हैं |
    पुलिस कार्यालय के प्रबक्ता से मिली जानकारी के अनुसार सलमा बेगम और उनके बलमा  मुन्ने खां पर पर इटावा  ,अछल्दा ,भरथना ,थानों में एक दर्जन से अधिक संगीन  मामले पंजीकृत हैं | पुलिस प्रवक्ता ने बताया इन सभी मामलो में पुलिस न्यायालय में चार्जसीट  दाखिल कर चुकी है | उन्होंने बताया की इन मामलों में से कांग्रेस नेता प्रमोद शंख्बार पर हुए हमले में सलमा और उनके बलमा मुन्ने खां एक माह से अधिक जेल  भी जा चुके हैं जो अब जमानत पर हैं |     
    शहर के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी ९५ वर्षीय वरिष्ठतम कांग्रेसी नेता कृष्ण लाल जैन पर अशोभनीय मिथ्या आरोप लगाने ,वरिष्ट कांग्रेस नेता प्रमोद शंखबार पर कातिलाना हमला करने  तथा पुराने कांग्रेसी परिवार के इक़बाल खान जो अल्प संख्यक सेल के प्रदेश सचिव भी है पर पेट्रोल डाल कर जान से मारने के प्रयास के  लिए विख्यात सलमा और बलमा मुकद्दमे झेल रहे है जिस से कांग्रेस के प्रति एक निष्ठ लोग उपरी नेताओ के उस आचरण पर खफा है जिस के अंतर्गत इन्हें निष्कासित करने की मांग को लेकर दिए गये आपराधिक इतिहास के पुलंदे को दबाकर इनका नाम अल्प संख्यक महिला के आरक्षण के कोटे में इन्हें सर्वोच्च सम्मान के काबिल समझा जाना है जब की इस शहर में दर्जनों उच्च शिक्षा प्राप्त मुस्लिम महिलाए है जो इन्हें फूटी आँखों देखना पसंद नहीं करती |
        इनकी कांग्रेस विरोधी मानसिकता के गवाह अखवारो में छपी इनकी तस्वीरें और इनके बयान है जो विगत लोक  सभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के विरुद्ध प्रदेश सत्ता दल के प्रत्याशी के पक्ष में इनका खुल कर प्रचार है जिस का कारण सत्ता दल से जुड़ कर अपने आपराधिक मुकद्दमों में सरकारी कार्यवाही को क्षीण करना और अपने समाज विरोधी आर्थिक अपराधों के लिए संरक्षण प्राप्त करना है | इनकी उच्छ्रंकलता का आलम ये है कि कांग्रेस प्रत्याशी संतोष चौधरी के बारे में यह कहते हुए इन्हें जरा भी संकोच नहीं हुआ कि इस संतोषा को सोनिया ने मुझ से पूंछ के टिकट दिया था जो में उसे वोट दूँ |
          सलमा बेगम का राजनैतिक लबादे में तरह तरह के खेल किया जाना अल्प संख्यकों में भी नफरत का कारण बन गया है इनके कारनामों से सभ्रांत कार्यकर्त्ता दांतों ताले उँगलियाँ दबा लेते है पुराने निष्ठांवान कांग्रेसियों का कहना है कि इस अपराधी महिला के कारण कांग्रेस की शहर में मिटटी पलीद  हो रही  है जिस के विरुद्ध सामूहिक त्याग पत्र देने और कांग्रेस राष्ट्रीय नेताओ को सच्चाई से रूबरू कराने की तैयारी चल रही है | अब समाज विरोधी पार्टी विरोधी धर्म विरोधी अनैतिक आचरण और राष्ट्र घाती संदिग्ध गतविधियो के कारण कोई सलमा को फूटी आँख नहीं देखना चाहता | कांग्रेस अपना भला कैसे करेगी इस पर मुलायम के जिले में जनता की नजर हैं सबसे अधिक व्याकुल कांग्रेस के लिए जेल जाने वाले लोग है

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